हर रोग हेतु एक समाधान
मान्यवर
अचूक फार्मूला
गोमूत्र लेप विधि मे शरीर के नकारात्मक तत्व (जहर) को बाहर निकालने की क्षमता है। पिछले 22 वर्षो से यह प्रमाणित है।
रीढ की हड्डी 24 गुटको को जोड़ कर बनी होती है। इनमे प्रत्येक दो गुटको के बिच से हर अंग को खून देने वाली नसे निकल कर उस अंग तक जाती है। पर प्रत्येक दो गुटको के बिच भी गंदगी जमा होने से वहां की नस पर दबाव आ सकता है।अब समझने लायक- -
चार पैर वाले जानवर जब चलते हैं तो उनकी यह हड्डी सांप की तरह लहराते रहने से वहां गंदगी ठहरती नहीं है। वे काफी स्वस्थ रहते हैं।
धरती की ग्रेविटी का असर भी खून पर आता है। इसलिए यह मनुष्य हेतु खाली पेट ही करना उचित ।
मनुष्य की हड्डी को लहराने हेतु हम भी क्षमतानुसार घोड़े की तरह चल सकते हैं (कृपया फोटो देखे) । अब आयुर्वेदिक 26 जडी बुटीयो सहित गोमूत्र का विधिपूर्वक लेप करके हम घोड़े की तरह कुछ मिनट ही चले (खाली पेट) तो रीढ की हड्डी की अच्छी तरह सफाई मुमकिन है व इसमे मोजूद 44 प्रकार के पोषक तत्व भी हमारे प्रत्येक अंग के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसका प्रभाव पूरे शरीर की संरचना पर पडेगा। खून का संचार व्यवस्थित होने से चेहरे पर भी लालीमा आती है। समयानुसार शरीर मे नयी शक्ति का अनुभव।
सूचना - कृपया गंभीर रोगी इसे, जानकार की सलाह पर ही करे।

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